दोस्ती भाषा में कभी जड में छिपी दयालुता होती हैं
अगर हो
ऐसे विचार वहाँ पर वृक्ष दोस्ती के लगते हैँ
नही हो ऐसे
विचार वहाँ अमर मित्रता उत्पन्न होती हैं
वही सदैव
बरसात खुदाई रहमतों की होती हीरहती हैं
लहराती
खुश्बू नेकनियती सेवाभाव की खेती होती हैं
ऐसा कृषक
हंसता सदा पर दुनिया देखकर के रोती हैं
पथिक अनजाना
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