शुक्रवार, 25 जनवरी 2013

अभिव्यक्ति क्रमांक -- ०३३ - या खुदाया खुशियाँ रख- सतनाम सिंह साहनी

या खुदाया खुशियाँ रख अपने हाथ में
हमारी मर्जी से जीने की चाहत हटा दी
दे हमें हाथों में डेरों मजबूरिय़ाँ या खुदाया
खुदगर्जी से जीने की तूने राह दिखा दी
ब्लाग --  विचार सागर मंथन

पथिक अनजाना (सतनाम सिंह साहनी )

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