Saturday, January 12, 2013

अभिव्यक्ति क्रमांक -- ०२० -- --नसीबों वाले हैँ --- सतनाम सिंह साहनी (पथिक अनजाना )



नसीबों वाले हैँ जो बिस्तरों पर आते ही सो जाते हैँ
दौलत वाले जागते ही दौलत के नशे में खो जाते हैँ
हम न तो नसीब वाले ही साबित हुये इस जहान में
न नसीब न दौलत नशा मिला  कैसे जागतेव सोते है
दिन लेप-टाप पर गुजरता रात्रि गगन निहारा करते हैं
ब्लाग  --  विचार सागर मंथन
https://pathicaanjana.blogspot.com

सतनाम सिंह साहनी (पथिकअनजाना

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