गुरुवार, 27 दिसंबर 2012

अभिव्यक्ति क्रमांक ००४ ---किस गली में---पथिक अनजाना-

किस गली में मिलेंगें साजन जहाँ पर उनका मुकाम हैं
किस दिशा में हैं मंजिल राह हमारी किसको हम मानें
मंजिल गली रूप रंग साजन के कैसे हम क्या जानें
अंधेरे में अनेकों आवाजें कौन आवाज पुकारे कैसे जानें
सतनाम सिह साहनी  ( पथिक अनजाना )
ब्लाग --  विचार सागर मंथन


-    सतनाम सिंह साहनी     (पथिक  अनजाना ) 

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