चाहतों और आहटों के दो तटों के बीच में रहकर
इंसान लिखी खुदाई
किस्मती लहरों से खेलता हैं
आहटों
व बाहटों के अनजाने संघर्षों के बीच में हो
इंसा असंभावित अनजानी तलाशें किनारे खोजता
ब्लाग -- विचार
सागर मंथन
- सतनाम सिंह साहनी
(पथिक अनजाना )
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